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डेली करेंट अफेयर्स 2020

विषय: प्रीलिम्स और मेन्स के लिए

जम्मू-कश्मीर में बाहरी लोगों को जमीन खरीदने की अनुमति

28 October, 2020

G.S. Paper-II

संदर्भ:

हाल ही में, केंद्र सरकार द्वारा जम्मूकश्मीर केन्द्र शासित प्रदेश के लिए नए भूमि कानूनों को अधिसूचित किया गया है। गौरतलब है कि पिछले साल अगस्त में अनुच्छेद 370 और अनुच्छेद 35-A को निरस्त करने से पहले, गैर-निवासी जम्मू-कश्मीर में कोई अचल संपत्ति नहीं खरीद सकते थे।

नए परिवर्तनों को किसके द्वारा लागू किया गया है?

  • गृह मंत्रालय द्वारा लागू किये गएकेंद्र शासित प्रदेश जम्मूकश्मीर पुनर्गठन (केंद्रीय कानूनों का संयोजन) तीसरा आदेश, 2020 (UT of J&K Reorganisation (Adaptation of Central Laws) Third Order, 2020) से जम्मू-कश्मीर में पहले से लागू 11 भूमि कानूनों को निरस्त कर दिए गए हैं।
  • इन निरस्त किये गए कानूनों में जम्मूकश्मीर बड़ी भूसंपदा उन्मूलन अधिनियम (J&K Big Landed Estates Abolition Act) भी सम्मिलित है, जिसके द्वारा ‘जोतने वाले को जमीन’ का अधिकार दिया गया था।

नवीनतम परिवर्तन-

  1. नए लागू किए गएजम्मूकश्मीर विकास अधिनियम (J&K Development Act) के तहत, जम्मू-कश्मीर से बाहर के निवेशकों द्वारा केंद्र शासित प्रदेश में निवेश करने का मार्ग प्रशस्त करने हेतु राज्य का स्थायी निवासी’ होने की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया गया है।
  2. कृषि प्रयोजनों के लिए उपयोग की जाने वाली कोई भी भूमिजिला कलेक्टर की अनुमति के बिना किसी भी गैरकृषि उद्देश्यों के लिए उपयोग नहीं की जाएगी।
  3. सरकार, अब जम्मू-कश्मीर में स्वास्थ्य और माध्यमिक या उच्च शिक्षा अथवा विशिष्ट शिक्षा के प्रसार के उद्देश्य सेकिसी व्यक्ति या संस्था के पक्ष में भूमि के हस्तांतरण की अनुमति दे सकती है।
  4. इसके अलावा, गैरकृषक व्यक्तिके पक्ष मेंभूमि की बिक्रीउपहारविनिमयया बंधक रखना अवैध होगा।
  5. कोर कमांडर या इससे उच्च सैन्य अधिकारी, सीधी कार्यवाही तथा सशस्त्र बलों की प्रशिक्षण आवश्यकताओं के लिएकिसी स्थानीय क्षेत्र के भीतर किसी क्षेत्र कोरणनीतिक क्षेत्र के रूप में घोषित कर सकते है।

नए भूमि क़ानून की आवश्यकता-

केंद्र सरकार का तर्क है कि, अनुच्छेद 370 के कारण निवेशक 5 अगस्त, 2019 से पहले जम्मू-कश्मीर में जमीन खरीदने में असमर्थ थे, अतः इससे केद्र शासित प्रदेश के विकास में पहुँची।

निहितार्थ-

जम्मू-कश्मीर के बाहर के निवेशक सहित अन्य लोग अब केंद्र शासित प्रदेश में जमीन खरीद सकते हैं।

यूरोपीय संघ

G.S. Paper-II

 संदर्भ-

हाल ही में, तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन द्वारा फ्रांसीसी वस्तुओं के बहिष्कार का आह्वान किया गया था। इसके बाद फ्रांस ने यूरोपीय संघ के सहयोगियों से तुर्की के खिलाफ कार्यवाही करने के लिए कहा है।

यूरोपीय संघ आयोग ने तुर्की को चेतावनी देते हुए कहा है, कि एर्दोगन की टिप्पणी के मद्देनजर यूरोपीय संघ में तुर्की सदस्यता पहले से कहीं मुश्किल हो सकती है।

पृष्ठभूमि-

तुर्की द्वारा वर्ष 1987 में तत्कालीन यूरोपीय आर्थिक समूह (European Economic Community) में शामिल होने के लिए आवेदन किया गया था और इस संदर्भ में वर्ष 2005 में यूरोपीय संघ से औपचारिक वार्ता शुरू की गयी थी। किंतु यह वार्ता फिलहाल प्रभावी रूप से अवरुद्ध स्थिति में है।

यूरोपीय संघ के बारे में-

  • यूरोपीय संघ (European Union- EU) कुल27 देशों का एक संघ है जो एक संसक्त आर्थिक और राजनीतिक समूह के रूप में कार्य करता है।
  • यूरोपीय संघ को अक्सर एकअद्वितीय (Sui Generis– सूइ जेनेरिस) राजनीतिक इकाई के रूप में वर्णित किया जाता है।

यूरोपीय संघ की उत्पत्ति-

यूरोपीय संघ (European Union- EU) का आधिकारिक रूप से गठन वर्ष 1993 में हुआ था, लेकिन इसकी की नींव वास्तव में वर्ष 1957 में यूरोपीय आर्थिक समूह (European Economic Community– EEC) की स्थापना के साथ ही पड़ गयी थी।

  • EEC का गठन, वर्ष1951 में शुरू किये गए यूरोपीय कोयला और इस्पात समूह (European Coal and Steel Community) से किया गया था।
  • वर्ष 1993 मेंनई मास्ट्रिच संधि(Maastricht Treaty) के बाद यूरोपीय आर्थिक समूह (EEC), यूरोपीय संघ (European Union) में परिवर्तित हो गया। मास्ट्रिच संधि को यूरोपीय संधि के नाम से भी जाना जाता है।
  • इसके अतिरिक्त, वर्ष 2009 में लागू की गई लिस्बन की संधि(Treaty of Lisbon) के द्वारा यूरोपीय संघ को और अधिक व्यापक शक्तियां प्रदान की गयीं। जिसमे यूरोपीय संघ को सुरक्षा और प्रवर्तन प्रावधानों को लागू करने सहित सहित अंतरराष्ट्रीय संधियों पर हस्ताक्षर करने, सीमा पर गश्त बढ़ाने के लिए अधिकृत किया गया।

अमेरिका की ‘आतंकवाद प्रायोजक राष्ट्र’ सूची

G.S. Paper-II

संदर्भ-

हाल ही में, सूडान पिछले दो महीनों में इजरायल के साथ राजनयिक संबंध बनाने वाला तीसरा अरब देश बन गया है। इसके साथ ही अमेरिका ने सूडान को अपनी ‘आतंकवाद प्रायोजक राष्ट्रसूची (State Sponsor of Terrorism list) से हटा दिया है।

अमेरिका की ‘आतंकवाद प्रायोजक राष्ट्र’ सूची के निहितार्थ-

अमेरिकी विदेश मंत्री के लिए, अंतर्राष्ट्रीय आतंकवादी कृत्यों को अक्सर समर्थन प्रदान करने वाले देशोंको ‘आतंकवाद प्रायोजक राष्ट्र (State Sponsors of Terrorism) घोषित करने की शक्ति प्रदान की गयी है।

‘आतंकवाद प्रायोजक राष्ट्र’ सूची में शामिल देशों पर अमेरिका चार श्रेणियों में प्रतिबंध लगा सकता है:

  1. अमेरिकी विदेशी सहायता पर प्रतिबंध
  2. रक्षा निर्यात और बिक्री पर प्रतिबंध
  3. दोहरे उपयोग की वस्तुओं के निर्यात पर नियंत्रण
  4. विविध वित्तीय और अन्य प्रतिबंध

वर्तमान में इस सूची में सम्मिलित देश-

सूडान को हटाये जाने के पश्चात, ‘आतंकवाद प्रायोजक राष्ट्र’ सूची में तीन देश बने हुए हैं: सीरिया (1979 में सूचीबद्ध), ईरान (1984) और उत्तर कोरिया (2017)।

सूडान को इस सूची में कब रखा गया था?

  1. ‘आतंकवाद प्रायोजक राष्ट्र’ सूची में सूडान को वर्ष 1993 में शामिल किया गया था। सूडान पर हिजबुल्लाह और फिलिस्तीनी आतंकवादी संगठनों को प्रश्रय देने का आरोप लगाया गया था। इस संगठनों को वाशिंगटन आतंकवादियों के रूप में मानता है।
  2. अब, ट्रम्प ने अमेरिका में इंजील ईसाई मतदाताओं (Evangelical Christian Voters) को प्रभावित करने की उम्मीद से सूडान को ‘आतंकवाद प्रायोजक राष्ट्र’ सूची से हटा दिया है। इंजील ईसाईयों को इजराइल समर्थक नीतियों के पक्ष में माना जाता है।

प्री के लिए महत्वपूर्ण तथ्य

परम्परा श्रृंखला – संगीत और नृत्य के राष्ट्रीय पर्व

संयुक्त राष्ट्र के साथ साझेदारी में  नाट्य तरंगिनी’  द्वारा आयोजित संगीत और नृत्य के राष्ट्रीय पर्व ‘परम्परा श्रृंखला – 2020’  इस वर्ष ऑनलाइन आयोजित की जाएगी।

पृष्ठभूमि-

नाट्य तरंगिणी’ – प्रदर्शन कला केंद्र, की शुरुआत वर्ष 1976 में भारतीय शास्त्रीय नृत्य की कुचिपुड़ी शैली को विश्व स्तर पर लोकप्रिय बनाने के उद्देश्य से की गयी थी।

  1. इसेपद्मभूषण से सम्मानित डॉ. राजा और राधा रेड्डी और कौशल्या रेड्डी द्वारा स्थापित किया गया था।
  2. नाट्य तरंगिणी, आज एक साधारण कुचिपुड़ी नृत्य विद्यालय से दिल्ली में एक विश्व स्तरीय प्रदर्शन कला केंद्र के रूप में विकसित हुई है।

 

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