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डेली करेंट अफेयर्स 2020

विषय: प्रीलिम्स और मेन्स के लिए

चीन का ऋण-जाल कूटनीति

13th October, 2020

G.S. Paper-II (International)

संदर्भ:

  • हाल ही में, चीन द्वारा श्रीलंका को $ 90 मिलियन का अनुदान दिए जाने की घोषणा की गयी है।
  • श्रीलंका के राष्ट्रपति ने देश में आए हुए एक चीनी प्रतिनिधिमंडल से चीन द्वारा वित्तपोषित मेगा-परियोजनाओं को एक ‘ऋण-जाल’ (Debt Traps) के रूप में विकसित हो रही धारणा को खारिज करने में सहायता माँगी थी, इसके प्रत्युत्तर में चीन द्वारा उपरोक्त घोषणा की गयी।

चर्चा का विषय-

  • चीन, विश्व में अपना प्रभाव बढाने तथा भारत के पड़ोसी देशों में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए वित्तीय कर्ज के साधनों का उपयोग कर रहा है, जिससे राष्ट्र को समक्ष राजनीतिक और सुरक्षा संबधी खतरों की मात्रा बढ़ रही है।

चीन की ऋण जाल कूटनीति किस प्रकार कार्य करती है?

  1. विश्व भर में तेजी से राजनीतिक और आर्थिक बढ़त हासिल करने के लिए, चीन विकासशील देशों को रियायती ऋण के रूप में अरबों डॉलर का वितरण करता है, जिसमे अधिकांशतः बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए होते है।
  2. ये विकासशील राष्ट्र, जो मुख्यतः निम्न- अथवा मध्यम-आय वाले देश हैं तथा ऋण का समय पर पुनर्भुगतान करने में असमर्थ होते हैं, जिससे बीजिंग को ऋण-राहत के बदले रियायत अथवा अन्य लाभों की मांग करने का मौका मिलता है।

ऋण-जाल में देश किस प्रकार फस जाते हैं?

चीन, कर्ज राहत के बदले कई लाभों अथवा रियायतों की मांग करता है।

  • श्रीलंका को, बीजिंग द्वारा दिए गए भारी कर्ज में डूब जाने के बाद, 99 वर्षों के लिए हंबनटोटा बंदरगाह परियोजना का नियंत्रण चीन को सौंपने के लिए विवश किया गया था।इससे चीन को एक प्रमुख वाणिज्यिक और सैन्य जलमार्ग पर रणनीतिक स्थिति तथा अपने क्षेत्रीय प्रतिद्वंद्वी भारत के द्वार पर अवस्थित एक प्रमुख बंदरगाह पर नियंत्रण प्राप्त हो गया।
  • चीन ने, राहत के बदले में, जिबूती (Djibouti) में अपना पहला सैन्य अड्डा बनाया। जबकि अंगोला कच्चे तेल की आपूर्ति करके चीन को कई अरब डॉलर का कर्ज चुका रहा है, जिससे उसकी अर्थव्यवस्था के लिए बड़ी समस्या पैदा हो रही है।

‘ब्लू फ्लैग’ समुद्र तट

G.S. Paper-II (National)

संदर्भ:

  • भारत के आठ सागर तटों को अंतर्राष्ट्रीय, गैर-सरकारी, गैर-लाभकारी संगठन, ‘फाउंडेशन फॉर एनवायरमेंटल एजुकेशन’ (The Foundation for Environmental Education- FEE), डेनमार्क द्वारा प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय ईको लेबल ब्लू फ्लैग प्रमाणपत्रप्रदान किया गया है, जिसमे कर्नाटक के दो समुद्र तट सम्मिलित किये गए हैं। ये हैं:
  • उत्तर कन्नड़ में होन्नावर के निकट कासरकोड समुद्र तट
  • उडुपी के निकट पदुबद्री तट

पृष्ठभूमि:

हाल ही में, केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा देश के 13 समुद्री तटों के लिए ’ब्लू फ्लैग’ प्रमाणन हेतु एक कार्यक्रम शुरू किया गया है।

ब्लू फ्लैग कार्यक्रम के बारे में:

  • समुद्र तटों तथा मरीना (marinas) के लिए ब्लू फ्लैग कार्यक्रम को अंतर्राष्ट्रीय, गैर-सरकारी, गैर-लाभकारी संगठन, फाउंडेशन फॉर एनवायरमेंटल एजुकेशन (The Foundation for Environmental Education– FEE) द्वारा कार्यान्वित किया जा रहा है।
  • इस कार्यक्रम का आरम्भ फ्रांस में वर्ष 1985 में किया गया था तथा वर्ष 1987 से यूरोप में लागू किया गया। वर्ष 2001 से इस कार्यक्रम में दक्षिण अफ्रीका सम्मिलित हुआ, यह इसमें भाग लेने वाला यूरोप के बाहर का पहला देश है।

‘ब्लू फ्लैग’ समुद्र तट क्या है?

‘ब्लू फ्लैग’ समुद्र तट, एक ईको-टूरिज़्म मॉडल है जो पर्यटकों को नहाने के लिये स्वच्छ जल, सुविधाओं, सुरक्षित एवं स्वस्थ वातावरण प्रदान करने के साथ क्षेत्र के सतत् विकास को बढ़ावा देने वाले समुद्र तटों को चिह्नित करता है।

‘ब्लू फ्लैग’ हेतु मानदंड-

ब्लू फ्लैग प्रमाणीकरण हेतु लगभग 33 मानदंडो को पूरा करना आवश्यक होता है, जिनमे पानी की गुणवत्ता के कुछ मानक मानकों को पूरा करना, अपशिष्ट निपटान की सुविधा होना, विकलांग अनुकूलित होना, प्राथमिक चिकित्सा उपकरण और मुख्य क्षेत्रों में पालतू जानवरों का प्रवेश नहीं होना आदि सम्मिलित हैं।

प्रमुख तथ्य:

  • ‘ब्लू फ्लैग’ प्राप्त सर्वाधिक समुद्र तटों (566) के साथस्पेन शीर्ष स्थान पर है; इसके पश्चात क्रमशः ग्रीस (515) और फ्रांस (395) का स्थान है।
  • भारत में ओडिशा के कोणार्क तट का चंद्रभागा बीच, ‘ब्लू फ्लैग’ प्रमाणन प्रक्रिया को पूरा करने वाला पहला समुद्री तट है।

क्या ‘ब्लू फ्लैग’ प्रमाणपत्र केवल समुद्र तटों के लिए दिया जाता है?

  • नहीं, यह समुद्र तट, मरीना (Marina) अथवा संवहनीय नौका विहार पर्यटन ऑपरेटर को दिया जा सकता है।
  • मूल रूप से, ब्लू फ्लैग एक ट्रेडमार्क है।

गोवा देश का प्रथम ‘हर घर जल’ राज्य: जल जीवन मिशन

G.S. Paper-II (National)

चर्चा में क्यों?

  • हाल ही में गोवा प्रत्येक ग्रामीण घर में नल कनेक्शन उपलब्ध करवाकर ‘जल जीवन मिशन’ के तहत देश भर में पहला ‘हर घर जल‘ राज्य बना गया है।
  • भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के मुताबिक, गोवा ने सफलतापूर्वक 2.30 लाख ग्रामीण परिवारों को कवर करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में 100 प्रतिशत चालू घरेलू नल कनेक्शन (एफएचटीसी) उपलब्ध कराया है।

जल जीवन मिशन के बारे में-

  • भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने ‘जल जीवन मिशन’ की शुरुआत अगस्त, 2019 में की थी।
  • ‘जल जीवन मिशन’ का उद्देश्य वर्ष 2024 तक भारत के सभी ग्रामीण घरों में पाइप जलापूर्ति (हर घर जल) सुनिश्चित करना है। ताकि देश के सभी भागों में सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।
  • भारत सरकार का जल शक्ति मंत्रालय, जल जीवन मिशन के कार्यान्वयन हेतु नोडल मंत्रालय है।
  • भारत सरकार ने जल जीवन मिशन (या हर घर जल योजना) का जिक्र 2020-21 के केन्द्रीय बजट में भी किया था और इसके लिए धन का आवंटन भी किया था।

‘जल जीवन मिशन’ के उद्देश्‍य-

  • इस योजना के तहत 2024 तक सरकार देश के ग्रामीण इलाकों में हर एक घर में पीने के पानी का कनेक्‍शन देगी।
  • घरों तक पानी पहुंचाने के लिए इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर तैयार किया जाएगा।
  • इसके अंतर्गत जल संरक्षण जैसे विषयों पर भी काम किया जाएगा।

‘जल जीवन मिशन’ के लाभ:

  • लोगों को घर पर ही पीने का साफ पानी मिलेगा।
  • इसके लिए उन्‍हें कहीं दूर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
  • पानी की समस्‍या से पूरी तरह छुटकारा मिल जाएगा।

प्री के लिए महत्वपूर्ण तथ्य

स्काल इंटरनेशनल एशिया एरिया

चर्चा का कारण

केन्द्रशासित प्रदेश, जम्मू और कश्मीर वर्ष 2021 में होने वाली 50वीं वार्षिक स्काल इंटरनेशनल एशिया एरिया (Skål International Asia Area– SIAA) कांग्रेस की मेजबानी करेगा।

प्रमुख बिंदु:

  • वर्ष1934 में स्थापित, स्काल इंटरनेशनल (Skål International) एकमात्र व्यावसायिक संगठन है, जो वैश्विक पर्यटन और मैत्री को प्रोत्साहित करते हुए पर्यटन उद्योग के सभी क्षेत्रों को एकजुट करता है।
  • यह दुनिया भर में पर्यटन, व्यवसाय और मैत्री को बढ़ावा देने वालेपर्यटन पेशेवरों’ का विश्व में सबसे बड़ा वैश्विक नेटवर्क है।
  • इसके सदस्य पर्यटन क्षेत्र के निदेशक और कार्यकारी अधिकारी होते हैं जो पारस्परिक हितों से संबंधित विषयों का समाधान करने तथा व्यापार नेटवर्क में सुधार और पर्यटन स्थलों को बढ़ावा देने हेतु एक-दूसरे से जुड़े होते हैं।
  • यह विश्व पर्यटन संगठन (World Tourism Organization– UNWTO) का एक संबद्ध सदस्य है।
  • स्काल इंटरनेशनल, प्रति वर्ष एक अलग देश में एकवार्षिक विश्व कांग्रेस का आयोजन करता है।

 

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