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डेली करेंट अफेयर्स 2020

विषय: प्रीलिम्स और मेन्स के लिए

चालू खाता अधिशेष की संभावना

G.S. Paper-III

संदर्भ:

भारत में वित्तीय वर्ष 2011 के दौरान चालू खाता अधिशेष (Current Account Surplus) दर्ज किये जाने की संभावना है। कोविड-19 महामारी की वजह से अर्थव्यवस्था में उत्पादन अधिक है, जबकि मांग कम है अर्थात, अर्थव्यवस्था में अंडर हीटिंग’ (Under Heating) की स्थिति है, जिसके कारण आयात में कमी होगी और परिणाम स्वरूप देश के चालू खाते में अधिशेष की स्थिति हो सकती है।

यह संकट, टैपर टैंट्रम (Taper Tantrum) के दौरान विश्व की स्थिति से अलग है।

‘टैपर टैंट्रम’ क्या है?

  • टैपर टैंट्रम (Taper Tantrum) का तात्पर्य वर्ष 2013 के दौरान निवेशकों की उस सामूहिक प्रतिक्रिया से है, जिससे अमेरिकी राजकोष में जबरदस्त इजाफा हुआ।
  • निवेशकों को जब पता चलता कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व अपनीउदार मौद्रिक नीति (Quantitative Easing– QE) कार्यक्रम पर रोक लगाने जा रहा है तो उनकी सामूहिक प्रतिक्रिया काफी घबराहटपूर्ण रही, जिससे अमेरिका में ट्रेजरी प्राप्ति में महत्वपूर्ण वृद्धि हुई। इससे उभरती अर्थव्यवस्थाओं की मुद्रास्फीति में तेजी आयी और यह दहाई अंक में पहुंच गयी।

‘चालू खाता’ क्या होता है?

  • चालू खाता (Current Account)के तहत, एक निश्चित अवधि में, विशेषकर वार्षिक अथवा तिमाही अवधि के दौरान हुए, वस्तु एवं सेवाओं में शुद्ध व्यापारनिवेश पर शुद्ध कमाई, और शुद्ध हस्तांतरण भुगतानों को सम्मिलित किया जाता है।
  • वस्तुतः, वस्तु एवं सेवाओं में शुद्ध व्यापार, चालू खाते का एक प्रमुख घटक होता है।

प्रासंगिकता:

चालू खाता, किसी देश की आर्थिक स्थिति के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करता है। चालू खाते का उच्च संतुलन प्राय: आयात से अधिक निर्यात को व्यक्त करता है, जो कि विदेशी मुद्रा भंडार के एक स्वस्थ आगम को दर्शाता है।

भारत के चालू खाते की वर्तमान स्थिति-

  1. निर्यात की तुलना में महंगे आयात के कारण भारत का चालू खाता काफी हद तक घाटे में रहा है। हमारे द्वारा आयात की जाने वाली कुछ प्रमुख वस्तुएँकच्चा तेलसोना और इलेक्ट्रॉनिक वस्तुएँ होती हैं।
  2. हमारे देश में, सीमित घरेलू उत्पादन और घरेलू उद्योगों को, प्रतिस्पर्धा से संबंधित मुद्दों, जैसे कि स्थानीय और श्रम कानून, उच्च पूंजी लागत और उच्च कर आदि के परिणामस्वरूप, चीन जैसे देशों से होने वाले सस्ते आयात से कड़ी प्रतिस्पर्धा करनी पड़ती है।
  3. नतीजतन, इन देशों के साथ हमारे व्यापार घाटे में वृद्धि हुई है, जिसका हमारे चालू खाता संतुलन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है और इसकी कीमत हमारे घरेलू विनिर्माताओं को चुकानी पड़ी है।

‘अधिशेष’ की स्थिति सदैव अच्छी नहीं होती है, फिर?

  • ‘चालू खाता अधिशेष’ का अर्थ है, निकासी की तुलना में विदेशी मुद्रा का अधिक आगम।
  • यह विदेशी मुद्रा भंडार की वृद्धि में सहायक होता है जोकि, वित्तीय और बाहरी क्षेत्र की स्थिरता को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है।

हालाँकि, मौजूदा स्थिति में, हमारे चालू खाते में सुधार आयात के निम्न स्तर, और साथ ही घरेलू मांग में कमी के साथ हो रहा है। इस तरह की स्थिति अर्थव्यवस्था में संभावित कमजोरी के रूप में देखी जाती है, तथा सहायक नीतिगत उपाय किए जाने की आवश्यकता का संकेत करती है।

प्री के लिए महत्वपूर्ण तथ्य

15वां G20 शिखर सम्मेलन

सऊदी अरब की अध्यक्षता में वर्चुअल माध्यम से आयोजित किया गया।

  • शिखर सम्मेलन की समाप्ति, लीडर्स डिक्लेरेशनको अपनानेऔर अगले G20 शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता इटली को सौपने के साथ हुई।
  • इसके साथ हीभारत द्वारा वर्ष 2023 में शिखर सम्मेलन की मेजबानी किये जाने की घोषणा की गयी- पूर्व में, भारत द्वारा 2022 में G20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी की जानी थी।
  • पिछले साल G20 की ओसाका घोषणा में भारत को 2022 में शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने के लिए कहा गया था।

 

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