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डेली करेंट अफेयर्स 2020

विषय: प्रीलिम्स और मेन्स के लिए

चारधाम परियोजना

6th October, 2020

G.S. Paper-II (National)

सन्दर्भ:

सर्वोच्च न्यायालय द्वारा नियुक्त विशेषज्ञ समिति ने चारधाम सड़क परियोजना के निष्पादन में न्यायालय के आदेशों के उल्लंघन का आरोप लगाया है। (क्या उल्लंघन किया है? इतना महत्वपूर्ण नहीं है)

न्यायालय का क्या निर्णय था?

  • विवाद का कारण परिकल्पित टू-लेन राजमार्गों की प्रस्तावित चौड़ाई थी।
  • शीर्ष अदालत ने पिछले माह फैसला सुनाया था किमीटर की चौड़ाई लागू की जाए क्योंकि यह सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) द्वारा की गयी 2018 की सिफारिशों के अनुरूप है।

चारधाम परियोजना क्या है?

  • इस परियोजना में 889 किलोमीटर लम्बे राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास के साथ-साथ उनका सुधार भी शामिल है।
  • यह परियोजना बद्रीनाथ धाम, केदारनाथ धाम, गंगोत्री, यमुनोत्री और कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए जाने वाले मार्ग को जोड़ेगी।

नार्को टेस्ट

G.S. Paper-III (Science)

समाचारों में क्यों?

उत्तर प्रदेश सरकार हाथरस बलात्कार और हत्या पीड़िता के परिवार के सदस्यों का नार्को टेस्ट करने की योजना बना रही है।

इससे सम्बंधित चिंताएँ:

“समाज के कमजोर वर्गों के व्यक्ति, जो अपने मौलिक अधिकारों से अनभिज्ञ हैं और कानूनी सलाह लेने में असमर्थ हैं” पर ऐसे परीक्षणों के परिणाम विनाशकारी हो सकते हैं।

  • इसमें भविष्य में दुर्व्यवहार, उत्पीड़न और निगरानी जैसे मामले शामिल हो सकते है, यहां तक ​​कि मीडिया द्वारा परीक्षण के लिए वीडियो सामग्री का दुरूपयोग भी किया जा सकता है।
  • इस प्रकार के परीक्षण मानवीय गरिमा और स्वतंत्रता का अपमान हैं, एवं इनके दूरगामी प्रभाव होते हैं।

नार्को टेस्ट क्या है?

नार्को टेस्ट में सोडियम पेंटोथल नामक दवा का इंजेक्शन दिया जाता है, जो एक कृत्रिम निद्रावस्था या बेहोशी की अवस्था को प्रेरित करता है। इससे सम्बंधित व्यक्ति की कल्पना-शक्ति बेअसर हो जाती है, और यह आशा की जाती है की वह सत्य जानकारी उपलब्ध कराएगा/ कराएगी।

  • इस संदर्भ में सच का प्याला” (ट्रुथ सीरम) के रूप में संदर्भित दवा का उपयोग सर्जरी के दौरान निश्चेतना के लिए बड़ी खुराक में किया जाता था एवं ऐसा कहा जाता है कि इसका उपयोग द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान खुफिया अभियानों के लिए भी किया जाता था।

यह पॉलीग्राफ परीक्षण से भिन्न कैसे है?

एक पॉलीग्राफ परीक्षण इस धारणा पर आधारित है कि किसी व्यक्ति द्वारा झूठ बोलने के दौरान उत्पन्न शारीरिक प्रतिक्रियाएं, सामान्य परिस्थितियों में उत्पन्न शारीरिक प्रतिक्रियाओं से भिन्न होती हैं।

  • कार्डियोकफ (cardio-cuffs) अथवा संवेदनशील इलेक्ट्रोड जैसे उपकरणों को व्यक्ति के शरीर से जोड़ा जाता है और उनसे प्रश्न पूछे जाते समय कुछ विशेष परिवर्तनशील तथ्यों जैसे कि रक्तचाप, नाड़ी-स्फुरण, श्वसन, पसीने की ग्रंथि की गतिविधि में परिवर्तन, रक्त प्रवाह, आदि को मापा जाता है।
  • प्रत्येक प्रतिक्रिया के लिए एक संख्यात्मक मान निर्धारित किया जाता है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि क्या व्यक्ति सच बोल रहा है, झूठ बोल रहा है अथवा अनिश्चित है।

क्या भारतीय जांचकर्ताओं को यह अनुमति है कि वे संदिग्धों पर इन परीक्षणों को कर सकें?

सेल्वी बनाम कर्नाटक राज्य (2010) मामले में, सुप्रीम कोर्ट ने यह फैसला दिया था कि “अभियुक्त की सहमति के आधार पर किये गए परीक्षणों के अतिरिक्त” किसी भी प्रकार के लाई डिटेक्टर परीक्षण नहीं किये जाने चाहिए।

  • यह भी कहा गया कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग द्वारा 2000 में प्रकाशितएक अभियुक्त पर किये जाने वाले पॉलिग्राफ परीक्षण से सम्बंधित दिशानिर्देशों” का कड़ाई से पालन किया जाना चाहिए।
  • न्यायालय ने मानवाधिकारों पर अंतरराष्ट्रीय मानदंडों, निष्पक्ष सुनवाई का अधिकार औरसंविधान के अनुच्छेद 20 (3) के अंतर्गत आत्म-अभिसंशन के विरुद्ध अधिकार को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय दिया था।

अटल सुरंग

G.S. Paper-II (National)

समाचारों में क्यों?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अटल सुरंग का 03 अक्टूबर 2020 को सुबह हिमाचल प्रदेश के रोहतांग में उद्घाटन किया था. इस अटल सुरंग के खुल जाने की वजह से मनाली और लेह के बीच की दूरी 46 किलोमीटर कम हो गई.

अटल टनल की खासियत-

  • मनाली से लेह को जोड़ने वाली अटल सुरंग दुनिया की सबसे लंबी हाइवे टनल है. सुरंग के अंदर हर 500 मीटर की दूरी पर आपातकालीन निकास भी बनाए गए हैं.
  • सुरंग के अंदर फायर हाइड्रेंट भी लगाए गए हैं जिससे किसी प्रकार की अनहोनी में इसका इस्तेमाल किया जा सके. सुरंग की चौड़ाई 10.5 मीटर है. इसमें दोनों ओर 1-1 मीटर के फुटपाथ भी बनाए गए हैं.
  • 10 साल में बनकर तैयार हुई अटल सुरंग 10 हजार फीट से ज्यादा लंबी है.

यह सुरंग महत्वपूर्ण क्यों?

  • लगभग 3,500 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित अटल टनल रक्षा की दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है. अटल टनल के खुलने से हिमाचल प्रदेश के लाहौल स्पीति और लेह-लद्दाख के बीच हर मौसम में सुचारू रहने वाला मार्ग मिल जाएगा.
  • सर्दियों में भारी बर्फबारी के कारण छह महीने तक इस हिस्से का देश के शेष भाग से संपर्क टूट जाता है. यह सुरंग इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे ​​पाकिस्तानचीन बॉर्डर पर भारत की ताकत बढ़ जाएगी​​. इसके शुरू होने से लद्दाख ​का इलाका ​सालभर पूरी तरह से जुड़ा रहेगा.

पृष्ठभूमि-

रोहतांग दर्रे के नीचे सुरंग बनाए जाने का ऐतिहासिक फैसला 03 जून 2000 को लिया गया था जब अटल बिहारी वाजपेयी देश के प्रधानमंत्री थे. सुंरग के दक्षिणी हिस्‍से को जोड़ने वाली सड़क की आधारशिला 26 मई 2002 को रखी गई थी. साल 2019 में अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर ही सुरंग का नाम अटल अटल रखा गया.

प्री के लिए महत्वपूर्ण तथ्य

Xoo संक्रमण

  • Xoo (Xanthomonas oryzaepv Oryzae) नामक जीवाणु से उत्पन्न होता है।
  • यह चावल में एक गंभीर बैक्टीरियल पत्ता पाला (Leaf Blight) रोग का कारण बनता है।
  • यह विश्व भर में चावल की खेती के लिए भारी उपज नुकसान का कारण बनता है।

 

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