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डेली करेंट अफेयर्स 2020

विषय: प्रीलिम्स और मेन्स के लिए

गंगा में मूर्तियों का विसर्जन

4th  October 2019

समाचार में क्यों?

नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा (National Mission For Clean Ganga- NMCG) ने दशहरा, दीपावली, छठ सहित सभी त्योहारों के दौरान गंगा या उसकी सहायक नदियों में मूर्तियों के विसर्जन को रोकने के लिये घाटों की घेराबंदी करने और 50,000 रुपए का जुर्माना लगाने हेतु 15 सूत्री निर्देश जारी किये हैं।

महत्वपूर्ण तथ्यः

  • ये निर्देश 11 गंगा बेसिन राज्यों के मुख्य सचिवों को पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 की धारा 5 के तहत जारी किये गए हैं जो निम्नलिखित हैं :
  • गंगा और उसकी सहायक नदियों में मूर्ति विसर्जन पर रोक लगाई जानी चाहिये।
  • अधिकारियों को गंगा और उसकी सहायक नदियों में मूर्तियों के विसर्जन तथा पूजा सामग्री के निपटान के खिलाफ मानदंडों को सख्ती से लागू करने एवं पर्यावरणीय तरीके से उपयुक्त वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिये।
  • यदि कोई व्यक्ति निर्देशों का उल्लंघन करता है, तो राज्य के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा पर्यावरण क्षतिपूर्ति के लिये 50,000 रुपए का जुर्माना लगाया जाना चाहिये ।
  • अस्थायी रूप से सीमित तालाबों का निर्माण करके नगरपालिका क्षेत्र या गंगा और उसकी सहायक नदियों की तट सीमा में निर्दिष्ट मूर्ति विसर्जन स्थलों के लिये पर्याप्त वैकल्पिक व्यवस्था की जानी चाहिये।
  • सभी संबंधित राज्य सरकार, प्राधिकरण, बोर्ड या निगम यह सुनिश्चित करें कि मूर्तियों के निर्माण के लिये सिंथेटिक सामग्री/गैर-बायोडिग्रेडेबल सामग्री, प्लास्टर ऑफ पेरिस (POP), पकी हुई मिट्टी, फाइबर और थर्मोकल का उपयोग न किया गया हो।
  • मूर्तियों की पेंटिंग में जहरीले और गैर-बायोडिग्रेडेबल रासायनिक रंगों या सिंथेटिक पेंट का उपयोग सख्ती से वर्जित होना चाहिये।

नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा:

  • नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा (NMCG) नेशनल गंगा रिवर बेसिन अथॉरिटी (National Ganga River Basin Authority- NGRBA) का कार्यान्वयन विंग है।
  • यह एक पंजीकृत सोसायटी है, जो मूल रूप से 12 अगस्त, 2011 को सोसायटी पंजीकरण अधिनियम, 1860 के तहत पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) द्वारा बनाई गई है।
  • लेकिन अब NGRBA और NMCG दोनों को जल शक्ति मंत्रालय (Ministry of Jal Shakti) को आवंटित किया गया है।

कार्यक्रम के मुख्य स्तंभों में सीवरेज ट्रीटमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर (Sewerage Treatment Infrastructure),रिवर-फ्रंट डेवलपमेंट (River-Front Development),  रिवर-सरफेस क्लीनिंग (River-Surface Cleaning)],जैव विविधता संरक्षण, वनीकरण, जन जागरूकता तथा गंगा ग्राम शामिल हैं।

 

भारत-22

समाचार में क्यों?

भारत 22 एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (ETF) के आगे फंड ऑफर (FFO2) सरकार के विनिवेश कार्यक्रम के एक भाग के रूप में खोला जाएगा।

  • भारत -22 में 22 ब्लू-चिप सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों, राज्य के स्वामित्व वाले बैंकों और तीन निजी कंपनियों के स्टॉक शामिल होंगे जहां यूनिट ट्रस्ट ऑफ इंडिया (एसयूयूटीआई) के निर्दिष्ट उपक्रमों के दांव हैं।
  • इसका प्रबंधन आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल फंड के माध्यम से किया जाता है और यह सरकार की विनिवेश नीति के अनुसार है, जिसमें 6 करोड़ रुपये की प्रारंभिक राशि लक्षित है।
  • इससे पहले सरकार ने सेंट्रल पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग्स (CPSE) ETF लॉन्च किया है, जिसमें कई ऊर्जा कंपनियों के शेयर थे।
  • भारत 22 बुनियादी सामग्रियों, ऊर्जा, वित्त, एफएमसीजी, उद्योग और उपयोगिताओं जैसे छह क्षेत्रों में फैले हुए एक विविध विविध ईटीएफ है।
  • जबकि CPSE ETF के पास केवल अपने घटक के रूप में राज्य-संचालित कंपनियां हैं, Bharat-22 सरकार को निजी क्षेत्र की कुछ ब्लू-चिप कंपनियों में भी दांव बेचने पर एक शॉट देगी।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनः

  • दिल्ली-कटरा मार्ग पर वंदे भारत एक्सप्रेस को हाल ही में रवाना किया गया था।

मुख्य तथ्यः

  • सेमी-हाई स्पीड ट्रेन 18 को वंदे भारत एक्सप्रेस के रूप में फिर से शुरू किया गया, यह देश की दूसरी ऐसी ट्रेन है।
  • दिल्ली-वाराणसी रूट पर पहली वंदे भारत एक्सप्रेस का परिचालन इसी साल फरवरी में शुरू हुआ था।
  • स्वदेशी रूप से विकसित वंदे भारत ट्रेन 160 किमी प्रति घंटे की अधिकतम गति तक चल सकती है, जिससे यह भारत की सबसे तेज ट्रेन बन सकती है।

 

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