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डेली करेंट अफेयर्स 2020

विषय: प्रीलिम्स और मेन्स के लिए

खाद्य पदार्थों में ट्रांस फैटी एसिड की सीमा निर्धारित

G.S. Paper-II 

संदर्भ:

हाल ही में, भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) द्वारा खाद्य उत्पादों में औद्योगिक ट्रांस फैटी एसिड (Trans Fatty Acid– TFA) की अनुमेय मात्रा निर्धारित कर दी गयी है, इसके तहत ट्रांस फैटी एसिड की अनुमेय सीमा, वर्तमान में 5 प्रतिशत से कम करके वर्ष 2021 तक 3 प्रतिशत तथा वर्ष 2022 तक 2 प्रतिशत होगी।

पृष्ठभूमि:

पिछले वर्ष दिसंबर में, भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) द्वारा खाद्य सुरक्षा और मानक (बिक्री पर निषेधाज्ञा एवं रोक) विनियम (Food Safety and Standards (Prohibition and Restriction on Sales) Regulations) में संशोधन करते हुए तेल और वसा में ट्रांस फैटी एसिड (TFA) की मात्रा वर्ष 2021 के लिए 3% और वर्ष 2022 में 2% तक निर्धारित की थी।

प्रयोज्यता:

नए विनियमन, रिफाइंड खाद्य तेलों, वनस्पति (आंशिक रूप से हाइड्रोजनीकृत तेल), मार्जरीन (कृत्रिम मक्खन), बेकरी से संबंधित वस्तुओं तथा खाना पकाने में प्रयुक्त होने वाले अन्य माध्यमों जैसे कि वनस्पति वसा और मिश्रित वसा पर लागू होंगे।

‘औद्योगिक ट्रांस फैटी एसिड’ क्या हैं?

  1. ‘ट्रांस फैटी एसिड’, एक औद्योगिक प्रक्रिया द्वारा निर्मित किए जाते हैं, जिसके अंतर्गत तरल वनस्पतीय तेलों को ठोस करने हेतु इनमें हाइड्रोजन को मिश्रित किया जाता है। इससे खाद्य पदार्थ अधिक समय तक खराब नहीं होते है, और सस्ते होने के कारण इनका उपयोग मिलावटी पदार्थों (adulterant) के रूप में भी किया जाता है।
  2. ये पके हुए, तले हुए और प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों के साथ-साथ मिलावटी घी में भी उपस्थित होते हैं, और ये कमरे के तापमान पर ठोस हो जाते हैं।
  3. ट्रांस फैट, वसा का सबसे हानिकारक रूप होते हैं, इनके कारण धमनियों का अवरुद्ध होना, उच्च रक्तचाप, दिल के दौरे और अन्य हृदय रोगों की समस्याएं उत्पन्न होती है।

प्री के लिए महत्वपूर्ण तथ्य

राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद

हाल ही में, श्री एस एन सुब्रह्मण्यन को तीन वर्षों के कार्यकाल के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

  1. राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (NSC) की स्थापना 4 मार्च, 1966 को श्रम मंत्रालय, भारत सरकार (GOI) द्वारा की गई थी।
  2. परिषद् की स्थापना, राष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण (Safety, Health and Environment- SHE) पर स्वयंसेवी गतिविधियों को शुरू करने, विकसित करने और जारी रखने के लिए की गयी थी।
  3. यह एक शीर्ष स्तर का गैर-लाभकारी, त्रिपक्षीय निकाय है, तथा सोसाइटी पंजीकरण अधिनियम 1860 और बॉम्बे पब्लिक ट्रस्ट ट्रस्ट 1950 के तहत पंजीकृत है।

 

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