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डेली करेंट अफेयर्स 2020

विषय: प्रीलिम्स और मेन्स के लिए

क्षैतिज एवं ऊर्ध्वाधर आरक्षण कार्यप्रणाली

G.S. Paper-II

संदर्भ:

हाल ही में, सर्वोच्च न्यायालय द्वारा सौरव यादव बनाम उत्तर प्रदेश मामले में ऊर्ध्वाधर और क्षैतिज आरक्षण लागू किए जाने हेतु वैधानिक स्थिति को स्पष्ट किया गया है।

उपरोक्त मामला, राज्य में कांस्टेबलों के पदों को भरने हेतु चयन प्रक्रिया में विभिन्न वर्गों को दिए जाने वाले आरक्षण के तरीके से उत्पन्न विवाद से संबंधित था।

‘ऊर्ध्वाधर एवं क्षैतिज आरक्षण’ क्या हैं?

  1. ऊर्ध्वाधर आरक्षण (Vertical Reservation): अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्गों के लिए दिए जाने वाले आरक्षण को ऊर्ध्वाधर आरक्षण कहा जाता है। यह विधि के अंतर्गत निर्दिष्ट प्रत्येक समूह के लिए अलग से प्रदान किया जाता है।
  2. क्षैतिज आरक्षण (Horizontal reservation):क्षैतिज आरक्षण का तात्पर्य महिलाओं, सेवानिवृत्त सैनिकों, ट्रांसजेंडर समुदाय और विकलांग व्यक्तियों आदि लाभार्थियों को सभी ऊर्ध्वाधर आरक्षण श्रेणियों में समान अवसर प्रदान करना है।

आरक्षण की दोनो श्रेणियां को एक साथ किस प्रकार लागू किया जाता है?

क्षैतिज आरक्षण को प्रत्येक ऊर्ध्वाधर श्रेणी में अलग से लागू किया जाता है।

उदाहरणार्थ, यदि महिलाओं को 50% क्षैतिज आरक्षण प्राप्त होता है, तो प्रत्येक ऊर्ध्वाधर आरक्षण श्रेणी के चयनित उम्मीदवारों में आधी संख्या महिलाओं की होगी, अर्थात, अनुसूचित जाति के सभी चयनित उम्मीदवारों में आधी संख्या महिलाओं की होगी, इसी प्रकार अनारक्षित या सामान्य श्रेणी में भी सभी चयनित उम्मीदवारों में आधी संख्या महिलाओं की होगी। यही प्रक्रिया सभी प्रकार की आरक्षण श्रेणियों में लागू होगी।

संदर्भित मामले का अवलोकन:

उत्तरप्रदेश की एक प्रतियोगी परीक्षा में सोनम तोमर और रीता रानी ने क्रमशः 276.5949 और 233.1908 अंक हासिल किए थे। उन्होंने क्रमशः ओबीसी-महिला और एससी-महिला की श्रेणियों के तहत आवेदन किया था।

  1. अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और अनुसूचित जाति (एससी) ऊर्ध्वाधर आरक्षण श्रेणियां हैं, तथा ‘महिला’ आरक्षण एक क्षैतिज आरक्षण श्रेणी के अंतर्गत आता है।
  2. दोनों उम्मीदवार, अपनी-अपनी श्रेणियों में अर्हता प्राप्त नहीं कर सके। हालांकि, सामान्य-महिला (अनारक्षित-महिला) श्रेणी में, अंतिम अर्हता प्राप्त उम्मीदवार को 8298 अंक हासिल हुए थे, जो कि ओबीसी-महिला वर्ग के अंतर्गत आवेदन करने वाली उम्मीदवार की तुलना में कम थे।

इस मामले में अदालत का निर्णय:

इस मामले में शीर्ष अदालत ने उत्तर प्रदेश सरकार के खिलाफ फैसला सुनाया। अदालत ने कहा कि यदि ऊर्ध्वाधरक्षैतिज आरक्षित श्रेणी से संबंधित व्यक्ति द्वारा, बगैर ऊर्ध्वाधर आरक्षण के, अर्हता प्राप्त करने योग्य पर्याप्त अंक हासिल किये गए हैं, तो उस व्यक्ति को बिना ऊर्ध्वाधर आरक्षण के अर्हता प्राप्त करने वाले उम्मीदवार के रूप में माना जाएगा और उसे सामान्य श्रेणी में क्षैतिज आरक्षण से बाहर नहीं किया जाएगा।

प्री के लिए महत्वपूर्ण तथ्य

दीपोर बील

हाल ही में, जिला प्रशासन ने संकुचित होती दीपोर बील आर्द्र भूमि के अति दोहन को अवरुद्ध करने के लिए दीपोर बील में सामुदायिक मत्स्यन को प्रतिबंधित कर दिया है.

  1. दीपोर बील एक ताजे जल की झील है. इसे असम के निचले भाग की ब्रह्मपुत्र घाटी में बड़ी और महत्त्वपूर्ण नदी आर्द्रभूमियों में से एक माना जाता है.
  2. यह रामसर सूची में शामिलअसम का एकमात्र स्थल है.
  3. इसके अतिरिक्त, बर्ड लाइफ इंटरनेशनल द्वारा इसे महत्त्वपूर्ण पक्षी क्षेत्र स्थलों में से एक के रूप में भी चयनित किया गया है.
  4. यहाँ पाए जाने वाले जीव-जंतुओं में सम्मिलित हैं: साइबेरियन क्रेन (CR), लेसर एडजुटेंट स्टॉर्क पक्षी, एशियाई हाथी आदि.

 

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