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डेली करेंट अफेयर्स 2020

विषय: प्रीलिम्स और मेन्स के लिए

क्या है पश्चिम एशिया शान्ति योजना?

18th August, 2020

G.S. Paper-II (International)

  • इजराइल और फिलिस्तीनियों के बीच स्थगित वार्ता को फिर से शुरू करने के लिए अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रम्प द्वारा पश्चिम एशिया के लिए एक शान्ति योजना (West Asia Peace Plan) घोषित की गयी थी.
  • जिसमें एक स्वतंत्र फिलिस्तीन देश के निर्माण और पश्चिम तट की बस्तियों पर इजराइल की सम्प्रभुता स्थापित करने की बात कही गयी थी.
  • इस योजना में यह भी कहा गया था कि यदि फिलिस्तीनी इससे सहमत होता है तो अमेरिका दस वर्षों में इस शांति एवं पुनर्निर्माण प्रक्रिया के लिए 50 मिलियन डॉलर का निवेश करेगा.

भारतइजराइल संबंधों की पृष्ठभूमि

  • इजराइल राज्य के निर्माण पर भारत की प्रतिक्रिया कई कारकों से प्रभावित थी. इन कारकों में स्वयं भारत का धार्मिक आधार पर विभाजन और अन्य देशों के साथ भारत के संबंध शामिल थे.
  • इसके साथ ही, भारत में एक बड़ी मुस्लिम आबादी थी जो कि परंपरागत रूप से फिलीस्तीनी भूमि पर इजरायल के निर्माण का विरोध करती थी.
  • भारत ने सितंबर, 1950 में इजराइल की आजादी को औपचारिक रूप से मान्यता प्रदान की. द्रष्टव्य है कि भारत की इजराइल नीति फिलस्तीन के पक्ष के सैद्धांतिक समर्थन तथा भारत की घरेलू आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित अंतर्राष्ट्रीय दृष्टिकोण पर आधारित है.
  • घरेलू स्तर पर, राजनेताओं को यह डर था कि यदि इजराइल के साथ संबंधों को साम्रान्य किया जाएगा तो वे अपना वोट बैंक खो देंगे.
  • इसके अतिरिक्त भारत, फारस की खाड़ी में स्थित अरब देशों में काम कर रहे अपने नागरिकों की बड़ी आबादी को खतरे में नहीं डालना चाहता था जो कि भारत के विदेशी मुद्रा भंडार के लिए महत्त्वपूर्ण थी.
  • इसके अतिरिक्त, भारत अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं के लिए तेल की आपूर्ति हेतु भी अरब देशों पर निर्भर था.
  • 1950 के दशक में गुट-निरपेक्ष आंदोलन का उद्धव हुआ जिसमें भारत एक संस्थापक सदस्य था. इन परिस्थितियों में भारत किसी भ्री रूप में इस्राइली पक्ष का सार्वजनिक रूप से समर्थन करने में अक्षम था.

1992 में पूर्ण राजनयिक संबंधों की स्थापना

1992 में भारत ने अंततः इज़राइल के साथ पूर्ण राजनयिक संबंध स्थापित किए. हालाँकि, इससे पूर्व फ़िलिस्तीनी राष्ट्रपति यासर अराफात को विश्वास में लिया गया. इसके पीछे दो कारण थे:

  1. पहला कारण यह था कि उस समय इजराइल और फिलिस्तीन के बीच शांति प्रक्रिया उन्नत चरण में थी.
  2. दूसरा कारण, संयुक्त राज्य अमेरिका का दबाव था. नौकरशाही मान्यताओं के अनुसार, 1991 में आर्थिक उदारीकरण को अपनाने का निर्णय लेने के बाद भारत की अर्थव्यवस्था के लिए एक वैश्विक इंटरफ़ेस की आवश्यकता महमूस की गयी. इसके साथ ही USSR के पतन के बाद इसे अपनी रक्षा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए नए बाजार की जरुरत थी.

‘PURA पहल’

G.S. Paper-II (National)

चर्चा में क्यों?

पुणे ग्रामीण प्रशासन COVID-19 महामारी के मध्य प्रोविज़न ऑफ अर्बन एमेनिटीज़ इन रूलर एरिया’ (Provision of Urban Amenities in Rural Areas-PURA) के प्रावधान/पहलों को लागू करने में सक्षम है।

प्रमुख बिंदु

  • PURA को पूर्व राष्ट्रपतिडॉ. अब्दुल कलाम द्वारा जनवरी 2003 में तीव्र एवं सशक्त ग्रामीण विकास के लिये प्रस्तुत किया गया।
  • ग्रामीण विकास मंत्रालय( Ministry of Rural Development-MoRD) ने PURA योजना को तीन वर्षों (2004- 05 से 2006-07) की अवधि के लिये सात समूहों (Seven Clusters) में पायलट आधार पर लागू किया
  • PURA 2.0को एक केंद्रीय क्षेत्र योजना के रूप में वर्ष 2012 में संभावित विकास केंद्रों जैसे-शहरी जनगणना के विकास पर ध्यान केंद्रित करते हुए शुरू किया गया था।

उद्देश्य

  • ग्रामीण एवं शहरी विभाजन को कम करने के लियेग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के अवसरों एवं शहरी सुविधाओं को उपलब्ध कराना
  • ग्रामीण क्षेत्रोंमें जीवन की गुणवत्ता में सुधार के लिये आजीविका के अवसर एवं शहरी सुविधाएँ प्रदान करने के लिये सार्वजनिक निजी भागीदारी ( Public Private Partnership- PPP) के माध्यम से एक ग्राम पंचायत (या ग्राम पंचायतों के एक समूह) में एक संभावित विकास केंद्र के आसपास सुगठित क्षेत्रों का समग्र और त्वरित विकास करना।
  • PURA के तहत दी जाने वालीसुविधाओं तथा आर्थिक गतिविधियों में जल एवं मल निकासी, गांव की सड़कों का निर्माण एवं रखरखाव, ड्रेनेज, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, स्किल डेवलपमेंट, गांव की स्ट्रीट लाइटिंग, टेलीकॉम, बिजली उत्पादन, गांव से जुड़े पर्यटन आदि को शामिल किया जाता है।
  • वर्ष 2014-15 में, सरकार ने PURA योजना के तहतकोई राशि आवंटित नहीं की बल्कि इसके स्थान पर 100 करोड़ रुपए की शुरुआती आवंटन राशि के साथ रुर्बन मिशन (Rurban Mission) की शुरुआत की।
  • रुर्बन मिशन का उद्देश्य पूरे देश में 300 ग्रामीण विकास समूहों का निर्माण करना है।

शेर और डॉल्फिन संरक्षण हेतु केंद्र सरकार की परियोजनाएं

G.S. Paper-III (Environment & Ecology)

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2020 को यह घोषणा की है कि, केंद्र प्रोजेक्ट टाइगर की सफलता को दोहराने के लिए प्रोजेक्ट लायन और प्रोजेक्ट डॉल्फिन शुरू करने की योजना बना रहा है.
  • केंद्र सरकार द्वारा इन प्रजातियों की जैव विविधता संरक्षण के लिए परियोजनाएं शुरू की जाएंगी. प्रधानमंत्री ने अपने स्वतंत्रता दिवस 2020 के भाषण में इन परियोजनाओं के बारे में जानकारी दी.
  • यह भी बताया गया कि, यह प्रोजेक्ट दोनों किस्म की डॉलफिन अर्थात समुद्री डॉल्फिन और नदी की डॉल्फ़िन पर ध्यान केंद्रित करेगा. इससे जैव विविधता को भी बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे. यह प्रोजेक्ट पर्यटन के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनेगा.
  • प्रधानमंत्री ने अपने स्वतंत्रता दिवस के भाषण में जैव विविधता के संरक्षण और संवर्धन के लिए सरकार की प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला और यह बताया कि, भारत उन कुछ देशों में से एक है जहां वन क्षेत्र का विस्तार हुआ है.
  • उन्होंने आगे कहा कि, प्रोजेक्ट लायन और प्रोजेक्ट डॉल्फिन को सफलतापूर्वक आगे बढ़ाया गया है. भारत में बाघों की आबादी में वृद्धि पर प्रकाश डालते हुए, उन्होंने बताया कि प्रोजेक्ट लायन के तहत, भारतीय शेरों की सुरक्षा और संरक्षण के लिए बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए काम किया जाएगा.

एशियाई शेर और गांगेय डॉल्फ़िन के बारे में

  • एशियाई शेर गिर के राष्ट्रीय उद्यान और गुजरात के सौराष्ट्र के आसपास के क्षेत्र तक सीमित हैं.
  • जून, 2020 में गुजरात वन विभाग ने इनकी जनसंख्या को वर्ष 2015 में 29% अर्थात 523 से बढ़ाकर वर्ष 2020 तक 674 करने का सुझाव दिया था. विभाग ने यह भी बताया है कि सौराष्ट्र में शेरों के रहने के क्षेत्र में 36% की वृद्धि हुई है. वर्ष 2015 में यह क्षेत्र 22,000 वर्ग किमी था जो अब 30,000 वर्ग किमी हो गया है. विशेषज्ञ एशियाई शेरों के दीर्घकालिक संरक्षण के लिए गुजरात के बाहर की विभिन्न प्रजातियों को भी प्रजनन के लिए बुला रहे हैं.
  • गांगेय डॉल्फिन उन संकेतक प्रजातियों में से एक है जिनकी स्थिति पारिस्थितिकी तंत्र की समग्र स्थिति के बारे में जानकारी प्रदान करती है. वे गंगा पारिस्थितिकी तंत्र के लिए उस पारिस्थितिकी तंत्र में अन्य प्रजातियों की स्थिति की भी जानकारी प्रदान करते हैं क्योंकि वे पानी की गुणवत्ता और प्रवाह में परिवर्तन के लिए बेहद संवेदनशील हैं.
  • गांगेय डॉल्फिन कोअंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ  की संकटग्रस्त प्रजातियों से संबंधित लाल सूची में भी  शामिल किया गया है.

प्री के लिए महत्वपूर्ण तथ्य

डेथ वैली

(Death Valley)

चर्चा में क्यों?

हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रीय मौसम सेवा (US National Weather Service) ने बताया कि दक्षिणी कैलिफोर्निया रेगिस्तान में डेथ वैली (Death Valley) के फर्नेस क्रीक (Furnace Creek) में तापमान 54.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया।

प्रमुख बिंदु

विश्व मौसम विज्ञान संगठन (World Meteorological Organization) के अनुसार, डेथ वैली के ग्रीनलैंड रैंच (Greenland Ranch) में 10 जुलाई, 1913 को 56.7°C तापमान दर्ज किया गया था।
विश्व मौसम विज्ञान संगठन के अनुसार, यह अभी भी पृथ्वी की सतह पर दर्ज किया गया सबसे अधिक तापमान है।

डेथ वैली

  • उत्तरी अमेरिका में डेथ वैली उत्तरी मोजावे रेगिस्तान (Northern Mojave Desert) के पूर्वी कैलिफोर्निया में एक रेगिस्तानी घाटी है।
  • यह मध्य पूर्व और सहारा रेगिस्तान की तरह पृथ्वी पर सबसे गर्म स्थानों में से एक है।
  • डेथ वैली (मृतक घाटी) कोशैतान का गोल्फ कोर्स (Devil’s Golf Course) के नाम से भी जाना जाता है।
  • डेथ वैलीरिफ्ट घाटी का एक उदाहरण है। रिफ्ट घाटी का विकास तब होता है, जब दो भ्रंश रेखाओं के बीच का चट्टानी भाग या स्तंभ नीचे की ओर धंस जाता है।
  • डेथ वैली (मृतक घाटी) की तली में नमक का एक बड़ा ढेर अवस्थित है, होलोसीन युग में यहाँ 30 फीट गहरा जलाशय था किंतु कालांतर में इसके सूखने से पानी में घुला नमक इसकी तली में अवशेष के रूप में मौजूद है।

 

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