कोरोनावायरस के लिये एंटी-HIV दवाएँ | Vaids ICS Lucknow

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डेली करेंट अफेयर्स 2020

विषय: प्रीलिम्स और मेन्स के लिए

कोरोनावायरस के लिये एंटी-HIV दवाएँ

समाचार में क्यों?

इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (Indian Council of Medical Research-ICMR) ने दो दवाओं के उपयोग के लिये ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (Drug Controller General of India-DCGI) से आपातकालीन स्वीकृति मांगी थी।

  • इस संदर्भ में DCGI ने नोवल कोरोनावायरस के उपचार के लिये HIV इन्फेक्शन के नियंत्रण हेतु इस्तेमाल होने वाली दवाओं के संयोजन के “प्रतिबंधित उपयोग” को मंज़ूरी दी है।

प्रमुख बिंदु :

  • इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (Indian Council of Medical Research-ICMR) ने साँस की बीमारी के इलाज के लिये इस्तेमाल होने वाली दो दवाओं- लोपिन्विर (Lopinavir) और रितोंविर (Ritonavir) के संयोजन के “प्रतिबंधित उपयोग” के लिये DCGI से आपातकालीन स्वीकृति मांगी थी।
  • अन्य दवाओं के साथ इस संयोजन का उपयोग चीन में क्लिनिकल परीक्षण में किया गया है, जहाँ पहली बार कोरोनावायरस का मामला सामने आया था।
  • हालाँकि यह बात ध्यान देने योग्य है कि किसी भी मरीज़ पर दवाओं के इस संयोजन के उपयोग से पहले डॉक्टर को रोगी से एक सूचित सहमति लेनी होगी।

एक उच्‍च स्‍तरीय बैठक :

हाल ही में प्रधानमंत्री के आदेश पर मंत्रिमंडल सचिव ने नोवल कोरोनावायरस (Novel Coronavirus-nCoV) के प्रबंधन और राज्‍यों की तैयारियों के संबंध में किये जा रहे कार्यों की समीक्षा के लिये उच्‍च स्‍तरीय बैठक की।

2019-nCoV से जुड़े परिदृश्‍य को देखते हुए निम्‍नलिखित संशोधित यात्रा परामर्श जारी किये गए हैं:

  • चीन से आने वाले किसी भी विदेशी नागरिक के लिये वर्तमान वीज़ा (पहले से जारी ई-वीज़ा सहित) वैध नहीं माना जाएगा।
  • लोगों को सलाह दी जा चुकी है कि पूर्व के परामर्श के मुताबिक वे चीन की यात्रा पर जाने से बचें। चीन जाने वाले लोगों को वापस आने पर क्‍वारेनटाइन में रखा जाएगा।
  • अंतर्राष्ट्रीय बंदरगाहों और सीमाओं पर सभी यात्रियों का व्यक्तिगत परीक्षण किया जा रहा है।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

मुदुमलाई टाइगर रिज़र्व :

  • हाल ही में तमिलनाडु राज्य के मुदुमलाई टाइगर रिज़र्व (Mudumalai Tiger Reserve) में बंदी हाथियों के लिये कायाकल्प शिविर का शुभारंभ किया गया।

मुदुमलाई टाइगर रिज़र्व के बारे में

  • अवस्थिति: मुदुमलाई टाइगर रिज़र्व तमिलनाडु राज्य के नीलगिरि ज़िले में तीन राज्यों (कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु) के त्रि-जंक्शन पर स्थित है।
  • इसका क्षेत्रफल 321 वर्ग किमी. है। यह वर्ष 1986 में घोषित भारत के पहले बायोस्फीयर रिज़र्व (नीलगिरि बायोस्फीयर रिज़र्व) का हिस्सा है।
  • मोयार (Moyar) नदी मुदुमलाई टाइगर रिज़र्व से होकर बहती है और मुदुमलाई तथा बांदीपुर अभयारण्य के बीच प्राकृतिक विभाजन रेखा का निर्माण करती है।
  • टाइगर रिज़र्व की घोषणा: तमिलनाडु राज्य सरकार ने अप्रैल 2007 में मुदुमलाई टाइगर रिज़र्व में बाघों की घटती आबादी के कारण इसे वन्यजीव संरक्षण अधिनियम- 1972 के तहत टाइगर रिज़र्व घोषित किया था।
  • वनस्पति: मुदुमलाई टाइगर रिज़र्व में लंबी घास पाई जाती है, जिसे आमतौर पर ‘एलीफेंट ग्रास कहा जाता है। यहाँ बाँस, सागौन, रोज़वुड जैसी मूल्यवान वृक्षों की प्रजातियाँ भी पाई जाती हैं।
  • जीव-जंतु: इस क्षेत्र में पाए जाने वाले जीव-जंतुओं में बाघ, हाथी, इंडियन गौर, पैंथर, बार्किंग डियर, मालाबार विशालकाय गिलहरी और हाइना आदि हैं।

लखनऊ घोषणा :

  • 06 फरवरी, 2020 को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आयोजित प्रथम भारत-अफ्रीका रक्षा मंत्री कॉन्क्लेव 2020 (1st India-Africa Defence Ministers Conclave- IADMC 2020) में लखनऊ घोषणा (Lucknow Declaration) को अपनाया गया।
  • यह कॉन्क्लेव लखनऊ में आयोजित डेफएक्सपो-2020 (DefExpo-2020) का ही एक भाग था।
  • इस कॉन्क्लेव में पूर्वी एवं दक्षिणी अफ्रीका के पारंपरिक भागीदारों के अलावा पश्चिमी अफ्रीकी राज्यों ने भी अपने अधिकारियों के लिये प्रशिक्षण सहित संयुक्त रक्षा अभ्यास और भारत के साथ रक्षा संबंधों को प्रगाढ़ करने की मांग की।
  • दोनों देशों के नेताओं ने भारत और अफ्रीकी देशों के लिये शांति और सुरक्षा के महत्त्व को पहचाना जिसके तहत ‘साइलेंस द गन्स: अफ्रीकी विकास के लिये अनुकूल परिस्थितियों का निर्माण’ (Silence the Guns: Creating Conducive Conditions for African Development) नामक थीम को अफ्रीकी संघ के ‘थीम आफ द ईयर के रूप में शामिल किया गया।
  • दोनों देशों के नेताओं ने अफ्रीका में शांति एवं सुरक्षा के लिये अफ्रीकी संघ के विज़न का स्वागत किया जो भारत के ‘सागर (क्षेत्र में सभी के लिये सुरक्षा और विकास- Security and Growth for all in the Region) के विज़न से मेल खाता है।

 

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