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डेली करेंट अफेयर्स 2020

विषय: प्रीलिम्स और मेन्स के लिए

कॉलेजियम व्यवस्था

16th September 2019

समाचार में क्यों? 

हाल ही में उच्च न्यायालय के एक न्यायाधीश ने सर्वोच्च न्यायालय के कॉलेजियम द्वारा किये गए स्थानांतरण के फैसले पर पुनर्विचार के अनुरोध के बाद इस्तीफा दे दिया।

कॉलेजियम व्यवस्था (Collegium System) की पृष्ठभूमि :

  • सर्वोच्च न्यायालय की कॉलेजियम व्यवस्था एक न्यायालयी नवाचार है, इसका संविधान में वर्णन नहीं किया गया है।
  • सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों की नियुक्ति तथा स्थानांतरण सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के परामर्श से राष्ट्रपति द्वारा किया जाता है।
  • 1970 के दशक में भारत के मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति और कुछ न्यायाधीशों के स्थानांतरण संबंधी मामलों के बाद न्यायपालिका की स्वायत्तता संबधी खतरा महसूस किया जाने लगा था।
  • इसी के मद्देनजर प्रथम न्यायाधीश मामले में वर्ष 1981 के तहत फैसला सुनाया गया कि नियुक्तियों के मामले में सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के साथ पूर्ण और प्रभावी परामर्श होना चाहिये। इस मामले के तहत परामर्श का तात्पर्य सहमति नहीं बल्कि विचारों का आदान प्रदान है।
  • द्वितीय न्यायाधीश मामले में वर्ष 1993 में कहा गया कि परामर्श से तात्पर्य सहमति है लेकिन मुख्य न्यायाधीश द्वारा सर्वोच्च न्यायालय के दो वरिष्ठतम न्यायाधीशों के परामर्श से राय दी जाएगी। न्यायाधीशों द्वारा दी गई राय राष्ट्रपति के लिये बाध्यकारी बना दी गई।
  • तीसरे न्यायाधीश मामले में वर्ष 1998 के अनुसार राष्ट्रपति को दिया गया परामर्श बहुसंख्यक न्यायाधीशों का परामर्श माना जाएगा, इस परामर्श में मुख्य न्यायाधीश के साथ सर्वोच्च न्यायालय के 4 वरिष्ठतम न्यायाधीशों के परामर्श शामिल होंगे।

कॉलेजियम व्यवस्था (Collegium System) की आलोचना:

  • इस व्यवस्था को न तो संविधान सभा और न ही संसद द्वारा बनाया गया है अतः इस प्रणाली की वैधता पर प्रश्नचिन्ह लगते रहे हैं।
  • इस व्यवस्था में अस्पष्टता, पारदर्शिता की कमी के साथ ही भाई-भतीजावाद की संभावना भी व्यक्त की जाती रही है।

कॉलेजियम व्यवस्था (Collegium System) और स्थानांतरण :

  • कॉलेजियम व्यवस्था द्वारा मुख्य न्यायाधीशों और अन्य न्यायाधीशों के स्थानांतरण की सिफारिश की जाती है।
  • संविधान के अनुच्छेद 222 में उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों का एक उच्च न्यायालय से दूसरे उच्च न्यायालय में स्थानांतरण का प्रावधान है।
  • स्थानांतरण के समय दोनों उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों की राय ली जाती है और सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश का परामर्श निर्धारक होता है, साथ ही स्थानांतरित किये जाने वाले न्यायाधीश की सहमति की आवश्यकता नहीं होती है।
  • न्यायाधीशों का स्थानांतरण केवल अपवादस्वरूप और लोक कल्याण को ध्यान में रखकर ही किया जा सकता है।
  • विदित है कि कॉलेजियम व्यवस्था को बदलने हेतु वर्ष 2015 में राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग ¼National Judicial Appointments Commission½ अधिनियम पारित किया गया था लेकिन सर्वोच्च न्यायालय द्वारा इसे न्यायपालिका की स्वतंत्रता के लिये खतरा बताते हुए रद्द कर दिया गया था।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य :

Great Indian Bustards (GIB) :

  • एक सर्वेक्षण से पता चला है कि राजस्थान के Desert National Park (DNP) में 150 ग्रेट इंडियन बस्टर्ड रहते हैं।
  • यह चिड़ियाँ IUCN की लाल सूची में विकट रूप से संकटग्रस्त critically endangered species½ प्रजाति बताई गई है।
  • राजस्थान के अलावे यह चिड़ियाँ गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश में भी पाई जाती है। परन्तु इसका मुख्य निवास राजस्थान में ही है।

 

 

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