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डेली करेंट अफेयर्स 2020

विषय: प्रीलिम्स और मेन्स के लिए

एल्यूमीनियम-एयर बैटरी

G.S. Paper-III

संदर्भ:

सरकार के स्वामित्व वाली इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा इज़राइल के एक बैटरी प्रौद्योगिकी स्टार्टअप फ़िनर्जी के साथ एक संयुक्त उद्यम शुरू करने का निर्णय लिया गया है।

इसके तहत इलेक्ट्रिक वाहनों और अचल भंडारण हेतु एल्यूमीनियम- एयर प्रौद्योगिकी (Aluminium-Air Technology) आधारित बैटरी सिस्टम विकसित किया जाएगा तथा हाइड्रोजन के भंडारण का समाधान भी खोजा जाएगा।

‘एल्यूमीनियम-एयर बैटरी’ क्या है?

एल्यूमीनियम-एयर बैटरियों में हवा में उपस्थित ऑक्सीजन का उपयोग किया जाता है, इस ऑक्सीजन द्वारा एल्यूमीनियम हाइड्रॉक्साइड के विलयन से अभिक्रिया करने पर एल्यूमीनियम का ऑक्सीकरण होता है तथा विद्युत् उत्पादित होती है।

लाभ:

  1. भारत में, वर्तमान में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए लिथियम आयन बैटरियों का व्यापक उपयोग किया जाता है, ‘एल्यूमीनियम-एयर बैटरी’ कम लागत और अधिक ऊर्जा क्षमता के कारण लिथियम आयन बैटरी का विकल्प हो सकती हैं।
  2. ये बैटरी, पूर्णतया चार्ज होने के बाद, इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए 400 किमी या इससे अधिक दूरी तक यात्रा करने में सक्षम बनाएगी जबकि, वर्तमान में लिथियम-आयन बैटरी मात्र 150-200 किलोमीटर का औसत प्रदान करती है।
  3. एल्यूमीनियम-एयर बैटरी में एल्यूमीनियम प्लेट, समय के साथ, एल्यूमीनियम ट्राइहाइड्रोक्साइड में परिवर्तित हो जाती है और एल्यूमीनियम ट्राइहाइड्रोक्साइड से एल्यूमीनियम को पुनः प्राप्त किया जा सकता है तथा सीधे औद्योगिक उपयोगों के लिए बेचा जा सकता है।

चुनौतियाँ:

एल्यूमीनियम-एयर बैटरियों को लिथियम-आयन बैटरी की तरह रिचार्ज नहीं किया जा सकता है। इसलिए, एल्यूमीनियम-एयर बैटरी चालित वाहनों के बड़े पैमाने पर उपयोग हेतु बड़े स्तर पर बैटरी स्वैपिंग स्टेशनों की आवश्यकता होगी।

भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रसार हेतु इस तकनीक का महत्व:

वर्तमान में, भारत, इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए लिथियम आयन बैटरी के आयात पर काफी हद तक चीन पर निर्भर है। लिथियम-आयन बैटरी का एक व्यवहार्य विकल्प और बैटरियों के घरेलू निर्माण को बढ़ावा देने से भारत में ऊर्जा भंडारण संबंधी बढ़ती मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी।

प्री के लिए महत्वपूर्ण तथ्य

सामर अभियान

  1. झारखंड सरकार ने राज्य में कुपोषण से निपटने के लिए SAAMAR अर्थात ‘स्ट्रेटेजिक एक्शन फॉर एलेविएशन ऑफ एलीवेशन एंड एनीमिया रिडक्शन’ अभियान शुरू करने की घोषणा की है।
  2. इस अभियान का उद्देश्य रक्ताल्पता से ग्रस्त महिलाओं और कुपोषित बच्चों की पहचान करना और राज्य में कुपोषण एक बड़ी समस्या से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए विभिन्न विभागों को परस्पर संबद्ध करना है।
  3. SAAMAR अभियान को 1000 दिनों के लक्ष्य के साथ शुरू किया गया है, और इसकी प्रगति को ट्रैक करने के लिए वार्षिक सर्वेक्षण किया जाएगा।

 

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