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डेली करेंट अफेयर्स 2020

विषय: प्रीलिम्स और मेन्स के लिए

इंजेन्युटी हेलीकाप्टर

G.S. Paper-III

संदर्भ:

नासा के ‘इंजेन्युटी मिनी-हेलीकॉप्टर’ (Ingenuity Mini-Helicopter) को, हाल ही में, पहली उड़ान भरने के लिए मंगल की सतह पर उतार दिया गया है।

इस हेलीकॉप्टर को ‘परसिवरेंस रोवर’ (Perseverance rover), जिसने इसी वर्ष 18 फरवरी को मंगल ग्रह की सतह का स्पर्श किया है, के अधोभाग में जोड़ा गया था।

 ‘इंजेन्युटी’ के समक्ष मंगल ग्रह पर आने वाली चुनौतियां:

  1. इंजेन्युटी हेलीकाप्टर, मंगल के विरल वातावरण में उडान भरेगा, जिसका घनत्व पृथ्वी के वातावरण की तुलना में मात्र एक प्रतिशत है, इस कारण इसकी उड़ान में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ेगा।
  2. किन्तु, इसकी उड़ान के लिए ग्रह के गुरुत्वाकर्षण से सहायता मिलेगी, जोकि पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण का मात्र एक-तिहाई है।
  3. ‘इंजेन्युटी’ को मंगल ग्रह पर होने वाली कड़ी ठंडी रातों के दौरान, अपने बगैर सुरक्षा कवच वाले उपकरणों को जमने और टूटने से बचाने हेतु आवश्यक हीटर चलाना होगा, जिसके लिए इसे अब अपनी बैटरी का उपयोग करना पड़ेगा।

 ‘इंजेन्युटी मंगल हेलीकाप्टर’ के बारे में:

‘इंजेन्युटी’ हेलीकाप्टर, एक छोटा समाक्षीय (coaxial), ड्रोन रोटरक्राफ्ट है, जोकि नासा के मंगल अभियान-2020 का एक भाग है। यह अन्य भू-भागों के ऊपर, काम के स्थानों का पता लगाने तथा ग्रह पर मंगल रोवर्स का भविष्य में मार्ग तय करने संबंधी योजना बनाने में, ‘फ्लाइंग प्रोब’ के संभावित उपयोग हेतु एक ‘तकनीकी प्रदर्शन’ के रूप में कार्य करेगा।

 ‘परसिवरेंस रोवर’ के बारे में:

  1. परसिवरेंस रोवर (Perseverance rover) को, जुलाई 2020 में लॉन्च किया गया था।
  2. मंगल ग्रह पर परसिवरेंस अभियान का मुख्य उद्देश्य खगोल-जीवविज्ञान (astrobiology) का अध्ययन तथा प्राचीन सूक्ष्मजीवीय जीवन के खगोलीय साक्ष्यों की खोज करना है।
  3. यह रोवर, ग्रह के भूविज्ञान और अतीत के जलवायु के बारे में विवरण उपलब्ध कराएगा तथा मानव जाति के लिए लाल ग्रह के अन्वेषण का मार्ग प्रशस्त करेगा। यह, मंगल ग्रह की चट्टानों तथा रेगोलिथ अर्थात विखंडित चट्टानों और धूल (Reglolith) के नमूने एकत्र करने वाला पहला मिशन होगा।
  4. इसमें ईधन के रूप में, प्लूटोनियम के रेडियोधर्मी क्षय से उत्पन्न ताप द्वारा जनित विद्युत शक्ति का उपयोग किया गया है।
  5. परसिवरेंस रोवर में MOXIE अथवा मार्स ऑक्सीजन ISRU एक्सपेरिमेंट नामक एक विशेष उपकरण लगा है, जो मंगल ग्रह पर कार्बन-डाइऑक्साइड-समृद्ध वातावरण से कार्बन डाइऑक्साइड का उपयोग करके पहली बार आणविक ऑक्सीजन का निर्माण करेगा। (ISRU- In Situ Resource Utilization, अर्थात स्व-स्थानिक संशाधनो का उपयोग)

प्री के लिए महत्वपूर्ण तथ्य

संकल्प से सिद्धि

यह जनजातीय मामलों के मंत्रालय के तहत ट्राइफ़ेड (TRIFED) द्वारा शुरू किया गया ‘गांव एवं डिजिटल कनेक्ट अभियान’ है।

  1. यह 1 अप्रैल, 2021 से शुरू किया गया 100 दिन की मुहिम है।
  2. इस मुहिम से 150 टीमें (ट्राइफेड एवं राज्य कार्यन्वयनकारी एजेंसियों से प्रत्येक क्षेत्र में 10) जुड़ेंगी, जिनमें से प्रत्येक 10 गांवों का दौरा करेंगी। प्रत्येक क्षेत्र में 100 गांव तथा देश में 1500 गांवों को अगले 100 दिनों में कवर किया जाएगा।
  3. इस मुहिम का मुख्य उद्देश्य इन गांवों में वन धन विकास केन्द्रों को सक्रिय बनाना है।

 

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