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डेली करेंट अफेयर्स 2020

विषय: प्रीलिम्स और मेन्स के लिए

आर्थिक जनगणना

समाचार में क्यों?

13 दिसंबर, 2019 को दिल्ली में सातवीं आर्थिक जनगणना (Economic census) की शुरुआत की गई।

दिल्ली आर्थिक जनगणना शुरू करने वाला 26वाँ राज्य है, जबकि 20 राज्यों और 5 केंद्रशासित प्रदेशों में यह कार्य पहले से ही चल रहा है।

आर्थिक जनगणना के बारे में :

  • आर्थिक जनगणना भारत की भौगोलिक सीमाओं के भीतर स्थित सभी प्रतिष्ठानों का संपूर्ण विवरण है।
  • आर्थिक जनगणना देश के सभी प्रतिष्ठानों के विभिन्न संचालनगत एवं संरचनागत परिवर्ती कारकों पर भिन्न-भिन्न प्रकार की सूचनाएँ उपलब्ध कराती है।
  • आर्थिक जनगणना देश में सभी आर्थिक प्रतिष्ठानों की आर्थिक गतिविधियों के भौगोलिक विस्तार/क्लस्टरों, स्वामित्व पद्धति, जुड़े हुए व्यक्तियों इत्यादि के बारे में महत्त्वपूर्ण जानकारी भी उपलब्ध कराती है।
  • आर्थिक जनगणना के दौरान संग्रहित सूचना राज्य एवं ज़िला स्तरों पर सामाजिक-आर्थिक विकास संबंधी योजना निर्माण के लिये उपयोगी होती है।

आर्थिक जनगणना-2019 :

  • वर्ष 2019 में 7वीं आर्थिक जनगणना का संचालन सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (Ministry of Statistics and Programme Implementation-MoSPI) द्वारा किया जा रहा है।
  • वर्तमान आर्थिक जनगणना में सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने 7वीं आर्थिक जनगणना के लिये कार्यान्वयन एजेंसी के रूप में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत एक स्पेशल पर्पज़ व्हिकल्स, कॉमन सर्विस सेंटर ई-गवर्नेंस सर्विसेज़ इंडिया लिमिटेड (Common Service Center e-Governance Services India Limited) के साथ साझेदारी की है।
  • 7वीं आर्थिक जनगणना में आँकड़ों के संग्रहण, सत्यापन, रिपोर्ट सृजन एवं प्रसार के लिये एक आईटी आधारित डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जाएगा।
  • 7वीं आर्थिक जनगणना के परिणामों को प्रक्षेत्र कार्य के प्रमाणन एवं सत्यापन के बाद उपलब्ध कराया जाएगा।
  • आर्थिक जनगणना के तहत गैर-फार्म कृषि एवं गैर-कृषि क्षेत्र में वस्तुओं/सेवाओं (स्वयं के उपभोग के एकमात्र प्रयोजन के अतिरिक्त) के उत्पादन या वितरण में जुड़े घरेलू उद्यमों सहित सभी प्रतिष्ठानों को शामिल किया जाएगा।

पूर्व में आयोजित आर्थिक जनगणनाएँ :

  • अभी तक केंद्रीय सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने 6 आर्थिक जनगणनाएँ (Economic censuses) संचालित की हैं।
  • पहली आर्थिक जनगणना, वर्ष 1977 में
  • दूसरी आर्थिक जनगणना, वर्ष 1980 में
  • तीसरी आर्थिक जनगणना, वर्ष 1990 में
  • चौथी आर्थिक जनगणना, वर्ष 1998 में
  • पाँचवीं आर्थिक जनगणना, वर्ष 2005 में
  • छठी आर्थिक जनगणना, वर्ष 2013 में

कॉमन सर्विस सेंटर ई-गवर्नेंस सर्विसेज़ इंडिया लिमिटेड :

  • CSC ई-गवर्नेंस सर्विसेज़ इंडिया लिमिटेड को कंपनी अधिनियम, 1956 के तहत इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा स्थापित किया गया है जिसका उद्देश्य CSC योजना के कार्यान्वयन की निगरानी करना है।
  • योजना को प्रणालीगत व्यवहार्यता और स्थिरता प्रदान करने के अलावा यह CSC के माध्यम से नागरिकों को सेवाओं की डिलीवरी हेतु एक केंद्रीकृत और सहयोगी रूपरेखा भी प्रदान करता है।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

Trakea क्या है?

  • यह हरियाणा पुलिस द्वारा अपनाया गया एक अनोखा बारकोडिंग सॉफ्टवेयर है। हरियाणा पुलिस का दावा है कि यह देश की पहली पुलिस फोर्स है जिसने फोरेंसिक रिपोर्ट के लिए यह अनोखी बारकोडिंग शुरू की है।

उद्देश्य:

यह सुनिश्चित करने के लिए कि आपराधिक जांच प्रणाली की रीढ़ और कानून की अदालतों में परीक्षण के बाद बनने वाली हजारों फोरेंसिक रिपोर्टों के साथ छेड़छाड़ नहीं की जाती है।

महत्व:

ट्रेकिआ अपराध के दृश्य, और फोरेंसिक विश्लेषण रिपोर्ट से एकत्र किए गए नमूनों की मूर्खतापूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित करता है।

मुल्लापेरियार बांध

  • हाल ही में जल शक्ति मंत्रालय ने केरल और तमिलनाडु के बीच मुल्लापेरियार बांध से संबंधित मुद्दे के समाधान के लिये तीन सदस्यीय पर्यवेक्षी समिति का गठन किया है।
  • इस मुद्दे को लेकर दोनों राज्यों के बीच तनाव 1960 के बाद से बना हुआ है।
  • तो वहीं इस बांध से तमिलनाडु के पाँच ज़िलों में जलापूर्ति, सिंचाई और बिजली उत्पादन के महत्त्व को देखते हुए तमिलनाडु ने लगातार इसका विरोध किया है।

मुल्लापेरियार बांध:

  • मुल्लापेरियार बांध केरल के इडुक्की ज़िले में मुल्लायार और पेरियार नदियों के संगम पर स्थित है।
  • इसके द्वारा तमिलनाडु राज्य अपने पाँच दक्षिणी ज़िलों के लिये पीने के पानी और सिंचाई की आवश्यकताओं को पूरा करता है।
  • ब्रिटिश शासन के दौरान 999 साल के लिये किये गए एक समझौते के अनुसार, इसके परिचालन का अधिकार तमिलनाडु को सौंपा गया था।
  • इस बांध का उद्देश्य पश्चिम की ओर बहने वाली पेरियार नदी के पानी को तमिलनाडु में वृष्टि छाया क्षेत्रों में पूर्व की ओर मोड़ना है।

पेरियार नदी:

  • पेरियार नदी 244 किलोमीटर की लंबाई के साथ केरल राज्य की सबसे लंबी नदी है।
  • इसे ‘केरल की जीवनरेखा के रूप में भी जाना जाता है क्योंकि यह केरल राज्य की बारहमासी नदियों में से एक है।
  • पेरियार नदी पश्चिमी घाट की शिवगिरी पहाड़ियों से निकलती है और ‘पेरियार राष्ट्रीय उद्यान से होकर बहती है।
  • मुख्य सहायक नदियाँमुथिरपूझा, मुल्लायार, चेरुथोनी, पेरिनजंकुट्टी

 

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