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डेली करेंट अफेयर्स 2020

विषय: प्रीलिम्स और मेन्स के लिए

आतंकवाद निरोधक दस्ता

G.S. Paper-II

चर्चा में क्यों?

हाल ही में, गुजरात राज्य पुलिस के आतंकवाद-निरोधी दस्ते ने एक 55 वर्षीय अफगान नागरिक को गिरफ्तार किया, जो पिछले 15 वर्षों से अहमदाबाद में अवैध रूप से रह रहा था।

इसी प्रकार, उत्तर प्रदेश पुलिस के आतंकवाद-निरोधी दस्ते ने भी हाल ही में नोएडा से दो चीनी नागरिकों को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया है।

अन्य संबंधित तथ्य-

  1. नोएडा से गिरफ्तार चीनी नागरिकों में एक महिला भी शामिल थी। इन दोनों को कथित तौर पर बैंक खाता खोलने के लिए जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल किया था।
  2. इन बैंक खातों का इस्तेमाल आपराधिक गतिविधियों के लिए धन हस्तांतरण के लिए किया गया था।
  3. उत्तर प्रदेश आतंकवाद-निरोधी दस्ते ने पहले से ही दोनों के विरुद्ध रेड कॉर्नर नोटिस और ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी किए थे।
  4. उल्लेखनीय है किरेड कॉर्नर नोटिस वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी या उनके प्रत्यर्पण को हासिल करने के लिए किया जाता है। रेड कॉर्नर नोटिस एक ऐसे व्यक्ति को ढूंढने और उसे अस्थायी रूप से गिरफ्तार करने का अनुरोध है जिसे आपराधिक मामले में दोषी ठहराया गया है। वही ब्लू कॉर्नर नोटिस के तहत आरोपी से पूछताछ के लिए आने को कहा जाता है। यह नोटिस इसलिए जारी किया जाता है ताकि जो व्यक्ति लापता है उसकी पहचान करके उसके बारे में जानकारी हासिल की जा सके। यह नोटिस इंटरपोल को भेजने के बाद उनके प्रत्यर्पण के लिए कहा जाता है।
  5. उपर्युक्त कार्यवाहियाँ संगठित अपराधों के साथ-साथ आतंकवादी गतिविधियों से निपटने में आतंकवाद निरोधक दस्तों (Anti-terrorist squads-ATS) की भूमिका को दर्शाती हैं।

आतंकवाद निरोधक दस्ता (Anti-terrorist Squads-ATS)-

  1. आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस-ATS) एक प्रकार के विशेष पुलिस बल है, जिसका गठन राज्य सरकारों द्वारा आतंकवादी खतरों से निपटने के लिए किया जाता है।
  2. इसका उद्देश्य संबंधित राज्यों के किसी भी हिस्से में संचालित हो रहे राष्ट्र-विरोधी तत्वों जैसे आतंकवादी समूहों, माफिया और अन्य संगठित अपराध सिंडिकेटों की गतिविधियों (नकली नोटों के रैकेट, मादक पदार्थों की तस्करी आदि) के बारे में जानकारी एकत्र करना और उनकी गतिविधियों को समाप्त करना है।
  3. यह संगठन इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB), रॉ (RAW) जैसी केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय में काम करता है।
  4. एटीएस अन्य राज्यों की समकक्ष एजेंसियों के साथ भी संपर्क बनाए रखता है।

आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस-ATS) के कार्य और भूमिकाएं-

  1. सुरक्षा उद्देश्यों से ऐसे संवेदनशील स्थानों की पहचान करना, जिनका उपयोग राष्ट्र-विरोधी तत्वों द्वारा छिपने/रहने के लिए किया जाता है।
  2. संदिग्ध सूचनाओं का संग्रह और विश्लेषण करना तथा अन्य राज्य इकाइयों और केंद्रीय एजेंसियों आदि के साथ समन्वय स्थापित करना।
  3. राज्य में किसी भी आतंकवादी समूह की उपस्थिति/गतिविधि से संबंधित किसी भी सूचना पर आवश्यक कार्रवाई को अंजाम देना। साथ ही ऐसे आतंकवादी समूहों को आश्रय देने वालों के विरुद्ध भी कार्रवाई को सुनिश्चित करना।
  4. विदेशी खुफिया एजेंसियों से संपर्क रखने वाले संगठित आतंकवादी तत्वों की गतिविधियों की निगरानी करना।
  5. नकली मुद्रा की तस्करी, हथियारों की तस्करी, मनी लॉन्ड्रिंग, विस्फोटक पदार्थों की तस्करी सहित अन्य संगठित अपराधों में संलिप्त माफिया तत्वों, एजेंटों, आतंकवादियों के विरुद्ध कड़ी और प्रभावी कानूनी कार्रवाई करना।
  6. राज्य के सूचना विभाग के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखना, प्राप्त सूचनाओं की निगरानी करना और किसी भी संदिग्ध जानकारी की प्राप्ति पर आवश्यक कार्रवाई करना।

प्री के लिए महत्वपूर्ण तथ्य

राष्ट्रीय पोलियो प्रतिरक्षण कार्यक्रम

  1. भारत में राष्ट्रीय पोलियो प्रतिरक्षण कार्यक्रम, 31 जनवरी 2021 से शुरू किया गया है।
  2. आमतौर पर राष्ट्रीय प्रतिरक्षण दिवस (NID) को पल्स पोलियो प्रतिरक्षण कार्यक्रम के रूप में जाना जाता है।
  3. इस कार्यक्रम के तहत, 0 से 5 वर्ष के बच्चों को पोलियो ड्रॉप्स पिलाई जाती हैं।
  4. पोलियो टीकाकरण कार्यक्रम वर्ष में दो बार आयोजित किया जाता है।
  5. पल्स पोलियो कार्यक्रम हमेशा रविवार को शुरू होता है, जिसे पोलियो रविवार के रूप में जाना जाता है।

 

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