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डेली करेंट अफेयर्स 2020

विषय: प्रीलिम्स और मेन्स के लिए

आज़ाद हिंद सरकार

23rd October, 2020

G.S. Paper-I

संदर्भ:

21 अक्टूबर, 2020 को आजाद हिंद सरकार के गठन की 77 वीं वर्षगांठ।

आज़ाद हिंद सरकार के बारे में:

वर्ष 1943 में नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने जापानी कब्जे वाले सिंगापुर में आज़ाद हिंद की अस्थायी सरकार के गठन की घोषणा की थी।

  • आर्जी हुकुमतआज़ाद हिंद (Arzi Hukumat-e-Azad Hind) के रूप में जानी जाने वाले इस सरकार काधुरी राष्ट्रों; इम्पीरियल जापाननाजी जर्मनीइटालियन सोशल रिपब्लिक और उनके सहयोगियों द्वारा शक्तियों द्वारा समर्थन किया गया था।
  • जापानी कब्जे वाले अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी अनंतिम सरकार का गठन किया गयाथा। 1945 में इस द्वीप को अंग्रेजों ने फिर कब्ज़ा कर लिया।

आज़ाद हिंद सरकार की स्थापना का उद्देश्य-

  • नेताजी सुभाष चंद्र बोस का मानना था, किसशस्त्र संघर्ष, भारत के लिए स्वतंत्रता प्राप्त करने का एकमात्र तरीका है।
  • आज़ाद हिंद सरकार की घोषणा से मलाया (वर्तमान मलेशिया) और बर्मा (म्यांमार) में बसने वाले हजारों भारतीय प्रवासियों तथा पूर्व कैदियों ने उत्साहित होकर स्वतंत्रता की लड़ाई में भाग लिया।

प्रमुख विशेषताऐं-

  • आजाद हिंद सरकार की अपनी मुद्रा, न्यायालय, तथा नागरिक संहिता थे।
  • इसकी अस्थायी राजधानी पोर्ट ब्लेयर थी, तथा निर्वासन काल में इसकी राजधानी रंगून और सिंगापुर थी।

अस्थायी सरकार के तहत:

  1. सुभाष चंद्र बोसराष्ट्र के प्रमुख, प्रधान मंत्री और युद्ध और विदेशी मामलों के मंत्री थे।
  2. कैप्टनलक्ष्मी सहगल ने आजाद हिन्द फ़ौज के महिला संगठन का नेतृत्व किया।
  3. एस अय्यरने प्रकाशन और प्रचार विंग की कमान संभाली थी।
  4. रास बिहारी बोसको सर्वोच्च सलाहकार के रूप में नियुक्त किया गया था।

अस्थायी सरकार का अंत-

सुभाष चंद्र बोस की मृत्यु को आज़ाद हिंद आंदोलन के अंत के रूप में देखा गया था। धुरी शक्तियों की पराजय के पश्चात वर्ष 1945 में द्वितीय विश्व युद्ध भी समाप्त हो गया।

राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन (NSM)

G.S. Paper-III (S & T)

संदर्भ:

भारत अपनी सुपरकंप्यूटर सुविधाओं में तेजी से विस्तार कर रहा है और वह देश में स्वयं के सुपरकंप्यूटरों के विनिर्माण के लिए क्षमता विकसित कर रहा है।

राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन  क्या है?

  • राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन(National Supercomputing Mission– NSM) इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय (MeitY) और विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST) द्वारा संयुक्त रूप से संचालित किया जा रहा है।
  • इसे उन्नत कम्प्यूटिंग विकास केंद्र (Centre for Development of Advanced Computing: C-DAC), पुणे और भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc), बेंगलुरु द्वारा कार्यान्वित किया गया है।

मिशन का लक्ष्य-

  • राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन का उद्देश्य 70 से अधिक उच्च-प्रदर्शन कंप्यूटिंग सुविधाओं से लैस एक विशाल सुपरकंप्यूटिंग ग्रिड की स्थापना करना तथा देश के राष्ट्रीय शैक्षणिक और R&D संस्थानों को सशक्त बनाना है।
  • इन सुपर कंप्यूटरों को राष्ट्रीय ज्ञान नेटवर्क (National Knowledge – NKN) पर राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग ग्रिड से जोड़ा जाएगा।
  • इस मिशन में इन अनुप्रयोगों के विकास संबंधी चुनौतियों का सामना करने के लिए उच्च पेशेवर उच्च प्रदर्शन कम्प्यूटिंग (High Performance Computing- HPC) की जानकारी रखने वाले कार्यबल का विकास सम्मिलित किया गया है।

राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन  की उपलब्धियां-

  • स्वदेशी तौर पर असेंबल किए गए पहलेसुपर कंप्यूटरपरम शिवाय को आईआईटी (बीएचयू) में स्थापित किया गया है।
  • उसके बादपरम शक्ति को आईआईटी खड़गपुर में और परम ब्रह्म को आईआईएसईआर पुणे में स्थापित किया गया था। ये सुपर कंप्‍यूटर, वेदर एंड क्लाइमेट, कम्प्यूटेशनल फ्लूड डायनामिक्स, बायोइनफॉरमैटिक्स और मटेरियल साइंस जैसे डोमेन से एप्लिकेशन से लैस हैं।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य:

भारत ने एक स्वदेशी सर्वर रुद्र (Rudra) विकसित किया है जो सरकार और सार्वजनिक उपक्रमों की उच्च प्रदर्शन कम्प्यूटिंग (HPC)  संबंधी सभी आवश्यकताओं को पूरा कर सकता है। यह पहला अवसर है जब C-DAC द्वारा विकसित सॉफ्टवेयर स्टैक के साथ देश में कोई सर्वर सिस्टम बनाया गया है।

स्टेट ऑफ ग्लोबल एयर 2020

G.S. Paper-III (Environment)

संदर्भ:

स्टेट ऑफ ग्लोबल एयर (State of Global Air), को हेल्थ इफेक्ट्स इंस्टिट्यूट (HEI)  तथा इंस्टिट्यूट फॉर हेल्थ मैट्रिक्स एंड इवैल्यूएशन (IHME) के द्वारा संयुक्त रूप से जारी किया जाता है। इस रिपोर्ट को तैयार करने में ब्रिटिश कोलंबिया विश्वविद्यालय से विशेषज्ञ सहयोग भी लिया जाता है।

रिपोर्ट के प्रमुख निष्कर्ष –

भारत में, वर्ष 2019 के दौरान, बाहरी और घरेलू वायु प्रदूषण के दीर्घकालिक संपर्क के कारण होने वाली बीमारियों, जैसे कि- आघात (stroke), दिल का दौरा, मधुमेह, फेफड़ों के कैंसर, पुरानी फेफड़ों की बीमारियों से तथा इसके कारण नवजात शिशुओं समेत 1.67 मिलियन से अधिक मौतें हुई थी।

  • कुल मिलाकर, भारत में सभी स्वास्थ्य कारणों से होने वाली मौतों के लिएवायु प्रदूषण अब सबसे बड़ा कारक है।
  • नवजात शिशुओंकी ज्यादातर मौतें जन्म के समय कम वजन और समय-पूर्व जन्म से उत्पन्न जटिलताओं से संबंधित थीं।
  • भारत मेंविश्व का सर्वाधिक प्रति व्यक्ति प्रदूषण संपर्क जोखिम (83.2 μg/क्यूबिक मीटर) पाया जाता है। इसके बाद नेपाल में1 μg/क्यूबिक मीटर तथा नाइजर में 80.1 μg/क्यूबिक मीटर प्रति व्यक्ति प्रदूषण संपर्क जोखिम पाया जाता है।

भारत के लिए चुनौतियां-

  1. सरकार का दावा है किपिछले तीन वर्षों से भारत में औसत प्रदूषण स्तर घट रहा है।
  2. किंतु इसमें बहुत ही मामूली रूप से कमी आयी है, विशेष रूप से सिंधु-गंगा के मैदानी इलाकों में सर्दियों के दौरान वायु प्रूदषण की मात्रा में अत्यधिक वृद्धि हो जाती है।
  3. मार्च के अंत में लागू किये गए देशव्यापी लॉकडाउन के कारण प्रदूषण में गिरावट दर्ज की गयी थी, किंतु लॉकडाउन खोलने के एक महीने के भीतर ही प्रदूषण का स्तर फिर से बढ़ रहा है और कई शहरों में वायु गुणवत्ता का स्तरबहुत खराबश्रेणी में पहुँच गया है।
  4. वायु प्रदूषण और दिल तथा फेफड़ों की बीमारी को जोड़ने संबधी स्पष्ट प्रमाण उपलब्ध हैं। नए साक्ष्यों के अनुसार- दक्षिण एशिया और उप-सहारा अफ्रीका में पैदा हुए शिशुओं के लिए वायु प्रदूषण से उच्च स्तर का खतरा है।

प्री के लिए महत्वपूर्ण तथ्य

कोविराप

  • कोविड -19 का पता लगाने के लिए कोविराप एक नैदानिक मशीन है।
  • भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT), खड़गपुर के शोधकर्ताओं द्वारा विकसित की गयी है।
  • इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) ने कोविड -19 का पता लगाने में ‘कोविराप’ की क्षमता का सफलतापूर्वक सत्यापन किया है।
  • इस नई मशीन में कोविड -19 परीक्षण प्रक्रिया एक घंटे के भीतर पूरी हो जाती है।

 

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